वर देती अभय देती डमरू और त्रिशूल धारण किए चारभुजाओं वाली देवी हैं ,
श्वेत वसन और आभूषण भी श्वेत हैं माँ के
तभी श्वेताम्बरधरा कहलाने वाली देवी हैं ,
बृषभ है आसन माँ का शंख चक्र कुन्दपुष्प सम गौर वर्ण असीम कांति वाली देवी हैं ,
गङ्गा के स्पर्श से दमका था रूप महागौरी का अष्टम स्वरूप कहलाने वाली देवी हैं।।
आरती अक्षय गोस्वामी
अष्टम देवी माँ महागौरी की वंदना.